लगता है हम mature हो गयें finally ..
अब फर्क पड़ता नहीं छोटी छोटी रुसवाइयों का ..
एक मुस्कराहट सी तैर जाती है होंटों पर ,
कोई पुराना दोस्त भी मुंह मोड ले जब ,
कोई अपना भी manipulate कर ले तों ,
लगता है हम emotionally secure हो गए है finally ..
पेहले रोते थे बहुत तकिये मे मुंह छिपा कर,
भूले जाते थे लोगो काम निकल जाने पर ,
पेहले डर लगता था ज़माने क़ा,
अब लगता है क्या ख़ुश करने आये थे इनको ?
खोते खोते पाया है ख़ुद को ,
लगता है हम enlightened हो गए finally ..