नए साल के, नए दिवस पर
इस नए साल के नए दिवस पर
नया होना है हमको....
यूं तो
हम कुछ भी हो सकते है
कोई नव सुधार भी
कर्मठ भी, जागरूक भी,
धैर्यवान या उदार भी
तो सोचो इस साल पर
क्या होना है हमको....
नए साल के नए दिवस पर
नया होना है हमको..
मत सोचो एक बार कि
क्या पाया है हमने
चलो इस बार
कुछ खो कर देखे
आलस खोना, अहंकार खोना
क्रोध खोना, दुर्व्यवहार खोना
और भी ऐसे ना जाने
क्या क्या खोना है हमको....
नए साल के नए दिवस पर
नया होना है हमको....
कहते है जो बोओगे वह पाओगे
बोया पेड़ बबूल का तो आम थोड़ी
ही खाओगे
उत्साह, धीरज, उल्लास
कार्यशीलता,
विन्रमता,मिठास,
मित्रता और कुछ दया
इस बार बोना है हमको
नए साल के नए दिवस पर
नया होना है हमको।
BY the way