Tuesday, April 15, 2025

ख़ाक

इस सर्द दिलों की दुनिया में
सब रूह को कोयला कर बैठे है
कुछ राहतें की ख़ोज में आज भी 
ख़ुद पर ख़ाक लपेटे बैठे है....

BY the way