Tuesday, September 30, 2025

today Asa nhi

Halaat aur mei



रोके कभी गहन धूप, कभी आँधियाँ ,
बिछड़े राह में कई कारंवा ,
आदतन पैर में हैं छाले पड़े

राह मे पर्वत ऐ मुश्किल अड़े 

 पर ,पर 
जो मैं हार जायूं ये वो थकान नही ..

घाव शब्द के, कभी परिहास के,
ठोकरें कभी, द्वन्द कभी

भय कई त्रास के 
उपेक्षा के अहसास भी,
और कोशिशे जारी रखो ,

और कोशिशे ज़ारी रखो 
कि मुझे तोड़ना आसान नही ..

भाग्य तेरे हर वार पर 
मेरी हिम्मत भारी पड़ी  ,
तू साथ दें या ना दें 
अब कोई शिकवा नही 

कि तू चीज हैं बहुत बड़ी

कि तू चीज हैं बहुत बड़ी

पर कोई  भगवान नही ..

बढ़ते रहना,  हैं नियति मेरी 
और साबित कुछ करना नही,

अब तुलना की तुला नहीं 
बस कर सकूँ गर्व ख़ुद पे

बस कर सकूँ गर्व ख़ुद पे
मुझे बनना तुझ सा महान नही ...

हैं जमीं मेरे पाँव तले,
मुझे रस्ते ख़ुद ब ख़ुद मिले ,
हैं यक़ीन ख़ुद पर इस कदर ,
क़दम बढ़े मंजिल तलक ,
रास्ते मेरे साथ हो ,
कि चाहिये मुझे  आसमान नही ...

रास्ते मेरे साथ हो ,

कि चाहिये मुझे आसमान नही ...

ऐ हालात 

और कोशिशे जारी रखो ,

कि मुझे तोड़ना आसान नही ..2



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