Thursday, April 30, 2020

lockdown 2020

न ही कुछ लिखा
न कुछ पढ़ा है
न ही कुछ है समझ पा रहे
इन दिनों

यूं अचानक ही
बदल गया है सब 
बाहर भी
भीतर भी
इन दिनों

नींद काफिर थी
उन दिनों भी 
पर रात और दिन 
पलट गए है
इन दिनों

हालांकि
मौत से डर
न पहले था
न कभी और
दिल कुछ ज्यादा ही
सहम गया है
इन दिनों


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