ढलती सी धूप खिसक रही हो जैसे
सर्द रात आने से पहले
हमने धूप के साथ साथ
न जाने कितनी बार
कुर्सी अपनी खिसकाई
बालों की सफेदी रंगी
कोशिश की चेहरे की लकीरें भी मिटाने की
कुछ नए नुस्खे भी अपनाए
पर धूप न रोक सके
अब इस सर्द रात का इंतज़ार है
जो शायद अकेले गुजारनी पड़े