Saturday, January 28, 2023

phool

फूल को इस बात से दरकार नहीं
कि वह देवताओं कि मूर्ति पर चढ़ाया जाये
या किसी के गज़रे में सजाया जाए
उसे किसी नादान के हाथो बिखारा जाये या
किताबों में सजोया जाए
हो सकता है वो वैसे ही मुरझा जाये
या फिर सिर्फ निहारा जाये
उसका फूल होना ही उसका लक्ष्य है
अपनी खुशबु से हवा को महकाना
और रंगों से सबको मोह लेना.....
 बस केवल यही उसका जीवन का उद्देश्य है 🙏🏽
BY THE WAY

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