Sunday, July 9, 2023

किवाड़

मंजिले कठिन थी मगर 
कदम बढ़ाते ही
पहाड़ भी ढलते गए..
मेहर कुछ इस कदर हुई 
ज्यूँ हाथ उठाया दस्तक को
किवाड़ ख़ुद ब ख़ुद खुलते गए 
B Y..theway 

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