हर एक छोटा सा तिनका
ख्वाबों का....
आशियाना बनने को तैयार है ।
हर एक पल सोचा जो..
हकीक़त बयान करने को है आमदा
ए दिल तेरी हर चाहत को मुकाम तक ले जाना
जैसे इस कायनात का है हिस्सा
तू बस सोचता जा
जीता जा हर पल को
पहले अपने भीतर
फ़िर एक रोज़ बाहर भी जी सकेगा
क्युँकि जो भीतर है.छुपा उजियारा
वो रोशन करेगा तेरी कल को ।
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