इधर उधर
तेरा वो प्यार इधर ही है,
नज़रे जो ढूंढ रही हर पल
तेरा वो दीदार इधर ही है,
तुम हो कर आहत ज़ब थक जाना
मेरे बहोपाश मे आ जाना
तेरे सब दर्द का मलहम मै
तेरा वो आधार इधर ही है,
स्वप्निल नयन जो देख रहे सपने
क्षण भर मे टूट गए कितने
तेरी खुली आँखों का मगर
स्वप्न साकार इधर ही है...
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ReplyDeleteVow. Who is he?
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