कब बहा आँखो से ...
ज़बां पर आया तो कुछ खारा सा महसूस होता है ..
यूं तो शामिल नही थे खेल में किसी ..
पर आज कुछ हारा सा महसूस होता है ..
लोग़ जलते है देख कर हंसी मेरी
लोग़ जलते है देख कर हंसी मेरी ..
पर इल्म नही उनको
मुझे ख़ुद को कितना नकारा सा महसूस होता है ...
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