Wednesday, February 20, 2019

अपना बना लो

सुनो ,तुम मुझे अपना बना लो ...
मैं ख़ुद की भी नही हूँ
किसी  और की भी नही हूँ
रुकी हुई उस घड़ी की तरह
घर के कोने मे बिन बात पड़ी हूँ
शायद किसी के पास वक्त नही
या मेरा वक्त कभी आया नही
तुम मेरी रूकी धड़कनों को चला दो ..

सुनो ,तुम मुझे अपना बना लो ...
मुझे भी  बनना है  गुरूर किसीका
किसी औऱ के पास देख दिल जले किसीका
मेरे रूठने से फर्क पड़े किसी को
कि तुम मचल के मुझ को मना लो ...

सुनो ,तुम मुझे अपना बना लो ...

मेरे अरमान दम तोड़ रहे है सर्द राहों मे
औऱ नही दम लड़ने का ज़माने से
कि छुपा लो मुझे अपनी पनाहों में
मुझे  चाहिए कुछ पल सुकून के
औऱ कुछ देर मुझे अपने में समा लो ...

सुनो ,तुम मुझे अपना बना लो

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