Saturday, June 22, 2019

रंजिश

कुछ इस तरह भी हॊता है
जब सामने ख़्वाब पड़ा हो
हकीकत बन कर ...
औऱ हाथ बांधे दिए हो किसी
पुरानी रंजिश ने रीफाकत बन कर ...

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