Saturday, February 1, 2020

अदद यार

ज़माने की रौ है बदली बदली 
हर बशर चाहे प्यार है 
पर प्यार देना एक गुनाह हुया 

फांक आए ख़ाक सारी 
एक अदद यार ना  मिला 
कि ख़ुदा मिलना आँसा हुया ..

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