Monday, December 10, 2018

असम

हरी भरी वादियाँ औऱ खुशनुमा मौसम ,
बेशुमार संस्कृति औऱ सभ्यता ,
वो जगह है असम ..
ब्रह्मपुत्र नदी की बाँहों  मे पला ,
समेटे अपने मे कितने रिवाज ओ रस्म ..
काजीरंगा मे घूमें या देखे बिहू ,
असम के बारे मे क्या क्या  कहूँ ,
पियो जो चाय यहां की बोलोगे "वाह "
मधुर संगीत कानो मे पड़े ,
प्यारे से लोगो से मिले ,
निकलो जिस राह ..
जुबां पर लगे जो मिर्ची "भूत जलोकीया "का स्वाद ,
सारी उम्र रखोगे असम को याद,
मन मे हो श्रद्धा जो तुम्हारे ,
कामनाएं पूरी होगी यंहा ,
रख दो कदम जो कामख्या अगर तो
आशीर्वाद देगीं देवी माँ ..
पहन के चलो जो  "मेखला " चादर ;
हर जगह बढ़ जाये आदर,
लायोगे कभी मूंगा रेशम ,
चमक इसकी सालों ना होगी कम ,
जानोगे जितना उतना चाहोगे ,
वो जगह है असम ..
वो जगह है असम ...

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