Tuesday, December 18, 2018

रिहयाते

लगता है ,ज़िन्दगी में तुम्हारी कश्मकश है बहुत ,
ए दोस्त ,मेरी तरफ से इसलिए  तुमको रिहायते दे दी ..

आयोगे वापस तो मान लेंगे अपना ,
कहीँ घुट कर दम ना तोड़ दे दोस्ती
तुम्हे गलतियां करने की गुंजायशे दे दी ..

कुछ बात  तो है हम में भी कि ,
ख़ुद का दामन खाली करके, तुमने ,
कई  मौको पर  क़ीमती इनायते दे दी ...

दरमियान फ़ासला है इस क़दर ,
तुम चूक जायोगे ही ,
तो हमने भी  यक़ीन के लिफाफे में रख ,
तुमको हिदायतें दे दी ..

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