Monday, July 9, 2018

खिड़की

खिड़की पर धूप रखी हैं
ज़रा सी चख कर तो देखो ..
सीली सी उमीदों में जाँ आजाये
थोड़ी उमीद हम पर रख के तो देखों ...
चिकनी गीली हैं राह माना
रास्ता भी हैं लम्बा
पर मेरा नाम ले के हर क़दम रख के तो देखों
हमने भी तय किये फासले शिद्द्त से
एक बार कोशिशों की कर दो एहत
एक बार मेरी तरह थक कर तो देखों

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