गहरा जुड़ाव है
या फिर सिरफिरो का ये चुनिंदा पड़ाव है
पहले इश्क़ में पड़ते है
फिर फलसफे में उलझते है
और आखिर शायरी में गम ग़लत करते है
शायर है, भावुक होना लाज़मी है
और तो और ज़िन्दगी के सच से अनजान
अल्फ़ाज़ के आशियाने बनाए गिराए
शायद कहीं सुकून आ जाए
छटपताते परिंदे सा तोड़ पिंजर
एक दिन हो जाए फिर लामक़ा
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