Sunday, May 27, 2018

मिलना नहीं

मैं तुमसे मिलना नहीं चाहती
क्यूंकि तुम एक सपने से हो
जो आँख खुलते ही टूट जायेगा ..
ना ही मुझे तुम बंटे बंटे से चाहिये
तुम यकीन सा लगने वाले ख़ूबसूरत ख्वाब हो
ख्वाब जो मेरी सारी उम्मीद हो
अगर हम मिले और सब बदल गया
तो मेरा वजूद मुझसे रूठ जायेगा ...

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