जब याद तुम्हारी आती हैं और याद करते हैं तुम्हें .. खोल कर चिठिया तेरी . फ़िर से पढ़ा करते हैं क्यूंकि सुना हैं .. ज़हर ज़हर को काटता हैं copyrights @Babita Yadav 2018
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